14 पर थम यो न्ही जाण्दे के कल के होवैगा? सुण तो ल्यो, थारा जीवन सै ए के? थम तो धुंध की तरियां सों, जो थोड़ी देर दिक्खै सै फेर खू ज्या सै। 15 इसकी बजाए थमनै या कहणा चाहिए, "जै प्रभु चाहवै तो हम जिन्दा रहवांगें, अर यो काम भी करागें।"
14 पर थम यो न्ही जाण्दे के कल के होवैगा? सुण तो ल्यो, थारा जीवन सै ए के? थम तो धुंध की तरियां सों, जो थोड़ी देर दिक्खै सै फेर खू ज्या सै। 15 इसकी बजाए थमनै या कहणा चाहिए, "जै प्रभु चाहवै तो हम जिन्दा रहवांगें, अर यो काम भी करागें।"