14 पर शारीरिक माणूं परमेशरो री आत्मा री सच्चाई ग्रहण नि करदा, कऊँकि सेयो तिना री नजरा रे मूर्खता री गल्ला ए और ना से तिना खे जाणी सकोआ, कऊँकि तिना री परख आत्मिक रीतिया ते ओई।
14 पर शारीरिक माणूं परमेशरो री आत्मा री सच्चाई ग्रहण नि करदा, कऊँकि सेयो तिना री नजरा रे मूर्खता री गल्ला ए और ना से तिना खे जाणी सकोआ, कऊँकि तिना री परख आत्मिक रीतिया ते ओई।