नया सर्ग और नयी तरती
1 तेबे मैं नया सर्ग और नयी तरती देखी, कऊँकि पईला सर्ग और पईली तरती खत्म ऊईगे थे और समुद्र पनि रया।
27 तिदे कोई अपवित्र काम करने वाल़ा या घृणित काम करने वाल़ा, या चूठ बोलणे वाल़ा किंयाँ बी जाई नि सकदा। पर बस सेयो लोक ई जाई सकणे, जिना रे नाओं मिन्टूए री जीवनो री कताबा रे लिखी राखे।