टऊणे और तूतले माणूंए खे ठीक करना
31 तेबे यीशु सूर और सैदा रे नगरो ते निकल़ी की सिदोन और दिकापुलिसो रे प्रदेशो रे ऊँदे ऊए गलीलो रे समुद्रो रे नेड़े पऊँचे। 32 तेबे लोके एक माणूं तिना गे ल्याया जो टौणा और तूतला था, तेबे तिने यीशुए ते बिनती करी की बोलेया, "आपणा आथ एस पाँदे राखी देयो।" 33 तेबे यीशु तेसखे पीड़ा ते लग जे लईगे और आपणियां गूठिया तेसरे कानो रे पाईया और थूक लगाई की तेसरी जीब छुँईं। 34 तेबे तिने स्वर्गो खे लांबा साआ परी की देखेया और बोलेया, "ईप्फत्तह!" मतलब "खुली जा!" 35 तेबे से तेबुई सुणने लगेया और तेसरी जीब खुली गी और से साफ-साफ बोलणे लगेया। 36 तेबे तिने तेसखे सावधान करी की बोलेया, "केसी गे नि बोलणा।" पर जितणा तिने से सावधान कित्तेया, तिथणा ई से ओर बी प्रचार करने लगेया। 37 तेबे सेयो लोक बऊत हैरान ऊई की बोलणे लगे, "तिने जो कुछ कित्तेया, अच्छा कित्तेया, सेयो टौणेया खे सुणने री और गूँगेया खे बोलणे री शक्ति देओ ए।"