अपराधिया रे खलाफ व्यवहार
15 "जे तेरा कोई विश्वासी पाई तेरे खलाफ पाप करो, तो तेसखे कल्ले जे लई जाई की समजेया, जे से तेरी सुणोगा तो तैं आपणा विश्वासी पाई पायी ला। 16 जे से तेरी नि सुणोगा, तो तूँ आपू साथे, एकी-दुँईं जणे खे ओरी खे बी लई जा, ताकि ‘मूसे रा बिधानो रे मुताबिक हर एक गल्ला री गवाई, दो या तीन जणेया रे मुंओ ते पक्की कित्ती जाओ।’ 17 जे से तिना री पनि मानो, तो तूँ मण्डल़िया खे बोल, पर जे से मण्डल़िया री पनि सुणोगा, तो तूँ तेसखे दूजी जातिया रा और कर लणे वाल़ा जेड़ा समज।