59 यूसुफे लोथ लई और सफेद चादरी रे लपेटी ती 60 और से आपणी नईया कब्रा रे राखी, जो तिने चट्टानी रे थी खणवाई री और कब्रा रे द्वारो पाँदे एक बड़ा पात्थर खसकेयी की चली गा।
59 यूसुफे लोथ लई और सफेद चादरी रे लपेटी ती 60 और से आपणी नईया कब्रा रे राखी, जो तिने चट्टानी रे थी खणवाई री और कब्रा रे द्वारो पाँदे एक बड़ा पात्थर खसकेयी की चली गा।