17 बाकुन ज्य हुकुम आपतु जाय्न, मे तुहुंंक नी भुरसु देवाड़तु, हेरेसी की तुंद्रे भेळा हवणे सी भलाय नी, बाकुन नुकसाण हवे। 18 काहाकी पेहल ती मे ज्य सामळो, की जत्यार तुहुंं मंडळी मां भेळा हवु ती तुंद्रे मां झगड़ा हवे, ने मे हेरे पर काय-काय भुरसु बी करो।
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