9 भुंड्ला माणसे सरग राजेन हकदार्या नी रवे, जी वात तुहुंंक मालुम नी हय काय? खुद काजे धुकु मां खावु नी। छीनाळ्या, नी मुरती पुजण्या, नी रंडी ने रंडीक राखण्या, नी लुच्चा नी अदमी साते गलत काम करन्या माणसे, 10 चुट्टा, हीजेरला, दारकुट्या, गाळी देण्या, धुकु देण्या माणसे सरग राजेन हकदार्या नी रवे। 11 ने तुंद्रे मां सी कतरा असात हतला, बाकुन तुहुंं मालीक ईसु मसीन नाव सी ने आपणा भगवानेन आत्मा सी धुवायला छे, ने चुखला हया ने धरमी ठहर्या।