10 तींद्रु ईयाव हय गुयु, हीनुक मे नी, बाकुन मालीक हुकुम आपे की बायरी आपणा अदमी सी छेटी नी रवणु चाहजे; 11 ने कदी छेटा बी हय जाय, ती अळी दीसरा सी ईयाव घुण करु; नीते आपणा अदमी सी अळी मेळी जावु ने नी अदमी आपणी बायरी काजे छुड़े।
12 दीसरा सी मालीक नी बाकुन मेत कय र्यु, कदी काहानाक भायसेन बायरी भुरसु नी राखे ने तेरे साते रह्वणे सी खुसी हवे, ती चु हीनीक नी छुड़े।