5 तुहुंं एक दीसरा सी आंग्ये मां रहु; बाकुन सीरप थुड़ीक टेम लग दुय जणान राजी मरजी सी की दुवा वाटे छुट्टी जड़े, ने अळतेन एक साते रहु; असो नी हवे की तुहुंं खुद नी हवणेन वजे सी भुतड़ु तुहुंं काजे पारखे।
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5 तुहुंं एक दीसरा सी आंग्ये मां रहु; बाकुन सीरप थुड़ीक टेम लग दुय जणान राजी मरजी सी की दुवा वाटे छुट्टी जड़े, ने अळतेन एक साते रहु; असो नी हवे की तुहुंं खुद नी हवणेन वजे सी भुतड़ु तुहुंं काजे पारखे।