13 ए आखा बासे, मे तुहुंं काजे गुयो लिखणे बाजी रयु की जु ईसु कळ नी घड़ायी, ने पेहलेन छे, तीनाक तुहुंं जुत छे, करीन वारु जाण रया। ए जुवान्या, मे तुहुंंक गुयो लिखणे बाजी रयु की तुहुंं ते वेरी भुतड़ा साते लड़ाय करीन तीनाक जीक लेदला छे। ए भगवानेन पुर्या, मे तुहुंंक अळी गुयो लिखणे बाजी रयु की तुहुंं ते सरग वाळा बासेक जाण लेदला छे।