Publicidade

2 João 1

आव-भाव

1 ओ ईसुन मंडळी, तुसे काजे भगवान नेवाड़लु छे। मे डाहा-बुड़ा, जी चिट्‌ठी तुसे काजे ने तारा माणसे काजे लिखो। मे तुंद्‌रे सी छाचला मन सी परम करो। 2 भगवानेन जी छाचाय जलम हामरे साते रवसे, ने हय जी छाचाय हामरे साते रवसे:

3 आपणु, जे भगवानेन छाचाय्‌न अनसारे परम करीन, जीवणे बाजी रया, आपणु काजे भगवान बास अगु सी, ने भगवान बासेन पुर्‌यु ईसु मसी अगु सी, बेसकी वारु गीण-दया, ने सुक-सांती जड़ती रवसे।

छाचाय ने परम

4 मे ज्‌य देखीन बेसकु खुस हयु की चां वाळा मंडळी मायन थुड़ाक माणसे बासेन हुकुमेन अनसारे, तेरी छाचाय पर चाल र्‌या। 5 हय वो लाटेक्‌ली ईसुन मंडळी, मे तारे सी लीलघाय्‌न कह्‌वो, की मे तुसे काजे काय नवलु हुकुम नी पतु, बाकुन हयुत हुकुम आपो, जु आपणु काजे सुरु सी जड़लु छे, की तुहुंं एक दीसरा सी परम कर्‌या करजु। 6 परमेन मतलब ज्‌य छे की आपणु भगवान काजे छाचलीन परम करजे। तेरेसी मे तुहुंं काजे अळी कहो तुहुंं आखा एक दीसरा सी परम करता जाय्‌न जीवजु। जु हुकुम तुहुंंक पेहल सी जड़लु छे।

7 कळी मां असा बेसका माणसे भटकाड़ने वाळा छे, चे असा नी माने की ईसु मसी माणसेन पुर्‌यु बणीन आयु; भटकाड़णे वाळा ने मसीन वीरुद करन्‌या जेत छे। 8 तुहुंं चेतीन रहु, नीते कांखुर मायन तुहुंं काठी मेहनतेन ईनाम खुय देसु, बाकुन मारी मरजी जी छे की तुहुंं पुरात-पुरा ईनाम हात करनु चाहजे।

9 जु कुय बेसके छेटे जाती रवे ने मसीन सीकाड़नेन अनसारे नी जीवे, बाकुन सीकाड़ने सी छेटा हयन अगा जात रवे, तेरे साते भगवान नी रवे, बाकुन जु मसीन सीकाड़नेन अनसारे जीवे, तेरे साते भगवान बास ने तेरु पुर्‌यु ईसु, दुयु रवसे। 10 कदी कुय तुंद्‌रे घर आवीन ईना सीकाड़ने काजे छुड़ीन दीसरी रीत सी सीकाड़े, ती तुहुंं, तीनाक ईसु पर भुरसु करन्‌यु समजीन आव-भाव घुण करु, ने तीनाक वारलु छे की? करीन बी घुण पुछु। 11 काहाकी जु माणुस तीना काजे वारलु छे की? करीन पुछे, चु तेरा पाप मां बी साजल्‌यु हवे।

आकरी कावा आवजी ने आवीस कहं

12 मेसेक तुंद्‌रे वाटे बेसको लिखणु छे, बाकुन मे जी वात कागदा पर सांय करीन नी लिखो। मे पाक्‌की आस करो की मे तुंद्‌रेन्‌चां आवीस ती उजेंतु वात करीस, तेरे सी आपणी खुसी पुरी हय जासे।

13 ईसु पर भुरसु करने वाळी नेवाड़ली बहणीस तुहुंं काजे तुहुंं वारलु छे की? करीन पुछ रय ने आवीस ने आवजी कय र्‌या।

Veja também

Publicidade
2 João
Ver todos os capítulos de 2 João
Bíblia Online Bíblia Online

Bíblia Online • Versão: 2026-06-15_21-32-39-