6 हेरे वजे सी तुहुंं खुसी हवु, मानु जरुड़ी छे की हय काय दाहड़ा लग काय तरान दुख झेलनु पड़ र्यो; 7 ने जी हेरेसी छे की तुंद्रु पारख हवलु भुरसु, जे आकठा सी तय हवलो खत्तम हवण्या सना सी बी काही अदुस बेसको जरुड़ी छे, ईसु मसी देखता हवणे पर बड़ाय ने सेक-सींगार ने ईज्जतेन वजे बणे।
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