आखा हकदार्यान ईज्जत करीन कुहराय छुड़ु ने भलाय करन्या बणु
13 मालीक ईसु वाटे ठहरावला हरेक हक-जमाड़न्या आखा हकदार्यान हक मां रहु भले चु कळीन आखा देस पर राज-करन्यु मुख्यु राजु काहनी हय, 14 भले चु एकेक राजवाड़ानम नीते एकेक जीलाम राज करन्यु हय। भगवान कुहर्याक डंड आपणे ने भलाय करन्याक वारु कर्या कहणे करीन तीनु राज करन्याक ठेरावलु छे। 15 काहाकी भगवानेन जी मरजी छे की तुहुंं वारु काम करनेन साहरे डेड़-अकल्या माणसेन मुंहडा काजे बंद करु जे बे फालतु वात करता रवे। 16 जी वात छाचली छे की, तुहुंं ईसुन लारे छुटला माणसे बण गुयला छे करीन हीना हक काजे नाव-बद्दी करन्या मां बणु, बाकुन आपसा काजे भगवानेन गुलाम पावर्यु जाणीन पापेम सी छुटला रवीन जीवु। 17 आखान ईज्जत करु, भायस्यो सी परम राखु भगवान सी बीहु, राजान आव-भाव करु।2:17 नीतीवचन 24:21; रोमीयो 12:10