17 काहाकी ची घड़ी आय गुयलु छे, की पेहल भगवानेन माणसेन नीयाव हवसे, ने जत्यार की नीयाव सुरु हामरे सी हवे ती हींद्रो आकरी कसों हवसे जो भगवानेन खुस-खबर काजे नी माने?
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17 काहाकी ची घड़ी आय गुयलु छे, की पेहल भगवानेन माणसेन नीयाव हवसे, ने जत्यार की नीयाव सुरु हामरे सी हवे ती हींद्रो आकरी कसों हवसे जो भगवानेन खुस-खबर काजे नी माने?