ईसु पछु आवसे, तीने टेमे भेळा हवणे तीयार रवु
1 ए भायस्यो ने बहणस्या, हेरे बारामां लिखणेन जरुवत नी हय की टेमेन ने दाहड़ान बारामां तुंद्रे वाटे काहींग लिखजे। 2 काहाकी तुहुंं आपसा वारु जाणु की जसु राते चुट्टु आवे, तसुत मालीकेन दाहड़ु बी आवणे वाळु छे। 3 जत्यार माणसे कवता हसे, "सांती मां छे ने काय डर नी हय," ती तींद्रे पर उचकाणुन नास हवणेन दुख आय पड़से, जसों भार पाये बायर पर पीड़ा दुख ने चे काहनी बी रीती सी नी बचे।