51 ए काठला, ने मन ने कान्टान नी फतरी काटाड़ला माणसे! तुहुंं जलम चुखली-आत्मान वीरुद कर्या करे। तुहुंं तुंद्रा आड़ा-बुड़ान तसा छे। 52 तुंद्रा आड़ा-बुड़ा काहना भगवानेन अघली वात बताड़ने वाळु माणुस काजे वेला नी पाड़्या? चेते तीनु भगवानेन अघली वात बताड़ने वाळु माणुस काजे मार नाख्या, जे पेहले सी तीना वारलु माणसेन बारामां कवला, जु आवणे वाळु हतलु।