3वीच्यार करु! कदी आपणु ईसु मसीन साहरे जड़ला अतरा मटा छुटकारान नीकारु कर देसु, ती आपणु कसा काय बचसु? ईना छुटकारान बारामां आखान पेहले मालीक ईसु कह्लु, ने अळी जे सामळ्या चे हेरु पुरावु देदा।
5आवणे वाळी कळी काजे, तेरे बारामां आपणु वात करने बाजी रया, तीनी नवली कळजुग काजे भगवान, आपसा सरग वाळा चाकर्यान कब्जा मां करने करीन नक्खी नी कर्यु।
11काहाकी चुखु करन्यु ईसु, ने चुखा हवण्या आपणु एकुत कळीम सी छे। ने ईनी कळीन मुखी भगवान बास छे। हेरेसी ईसु आपणु भायस कहवायणे नी लाजवाये।