31 तुहुंं जीवनेन आखी कड़वान, रीस, जखड़ी पड़नु, दीसरान नाव-बद्दी करनु, ने आखी भातीन कुहराय, तुहुंं ईनुक ईचमां सी छेटे कर देवु।
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31 तुहुंं जीवनेन आखी कड़वान, रीस, जखड़ी पड़नु, दीसरान नाव-बद्दी करनु, ने आखी भातीन कुहराय, तुहुंं ईनुक ईचमां सी छेटे कर देवु।
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