15 ने आपसा उठणु बसणु पुरु की पुरु धीयान राखु। नी अकल्यान तसा नी, बाकुन अक्कल वाळा बणीन जीवु, 16 ने आपणु ते खुल्ला दाहड़ा मां जीवी रया। ने जत्यार बी मुखु जड़ जाय, मुखा काजे महंग्लु समजीन भगवानेन वारलु काम करता रवजु।
Publicidade
Publicidade
15 ने आपसा उठणु बसणु पुरु की पुरु धीयान राखु। नी अकल्यान तसा नी, बाकुन अक्कल वाळा बणीन जीवु, 16 ने आपणु ते खुल्ला दाहड़ा मां जीवी रया। ने जत्यार बी मुखु जड़ जाय, मुखा काजे महंग्लु समजीन भगवानेन वारलु काम करता रवजु।