9 मे तुंद्रे वाटे भगवान धड़े असी दुवा करो की, तुंद्रु परम, छाचली अक्कल ने समज सी अदु-अदुस बड़तु जाय; 10 ने तुहुंं भलाय ने कुहराय्न फरक पाड़ीन आखाम सी वारु वात जाणीन, तीनीक मान लेवु; काहाकी ईसु मसीक पछा आवणे लग पुरा-पुरा खरला ने नी-गुनाळा बणीन रहु।