एकुत खुस-खबर
6 मे चकराय गुयु की जु तुहुंंक ईसु मसीन गीण-दया सी बुलावलु चां सी अतरा छाटा पछा वळीन दीसरी भातीन खुस-खबर भीणी वळने लाग गुया। 7 बाकुन दीसरी खुस-खबर हय्त नी, बाकुन वात जी छे की बेसका असा छे, चे तुहुंंक घाबराड़ी देय, ने ईसु मसीन खुस-खबर काजे बीगाड़ने हींडे। 8 बाकुन ईसुन जी खुस-खबर, हामु तुहुंं काजे सामळावला छे, तीनी खुस-खबर काजे छुड़ीन, काहनु बी तुहुंं काजे दीसरीत खुस-खबर सामळावे, तीना पर जलम की गरा आय पड़नु चाहे, भले चे, हामु हय ते ने, भगवानेन सरग वाळा काहवाळ्या हय ते। 9 जसा हामु तुहुंंक पेहलुत कय देदला, तसुत मे हय अळी कहो की, कदी तीनी खुस-खबर काजे छुड़ीन कुय बी, दीसरीत खुस-खबर सामळावे, ती तेरे पर गरा आय पड़नु चाहजे।