ईसु आपणु मट्लु पुजारु
14 हेरेसी आपणु एक डाहलु मुखी पुजारु छे, मतलब भगवानेन पुर्यु ईसु, सरगे काजे वेणकीन गुयलु छे, अतरे ए भायस्यो ने बहणस्या! आवु, आपणु तीना भुरसा पर वारु टेकला रवजे। 15 आपणु मुखी पुजारु ईसु ते आपणी लुलखाय मां आपणे साते दुखी हये। चु ते आपणेन तसु पापेन साहरे पारखायलु ते खरु, बाकुन तेबी चु गुनाळु नी नीकळ्यु।