1 ओ मारी लाटेकली, तु घाटाळी छे,
सय मां तु घाटाळी छे। तारा डुळा तारा कान्यान ईचमां पेरवीन तसा देखाये।
तारा कान्या तीनु बुकड़ान टुळान तसा छे,
जे बुकड़ा गीलाद बयड़ान कड़खे सुय रवे।
2 तारा दात तीनु कान्या कातेरला गाडरान तसा छे,
जे नदीम उंघळीन उपर आवला हय,
तींद्रेम एकेक जवळ्या पीला रवे।
तींद्रेम एक बी पीलो नी मर्यो हय।
3 तारा हुटड़ा ते बेसका वारु ने रातला रंगेन छे,
ने तारो मुंहडो गमे असो छे,
तारा गाल तारा मकासा पछळ अनारेन चीर्यान तसा देखाये।
4 तारु गळु दावुदेन मीनारेन तसु छे।
जो हत्यार मेलने करीन बणाय मेल्यो हय,
ने तेरे पर हजारु ढाळ्या टांग मेल्या हय, चे आखा ढाळ्या ते ताकतवाळान छे।
5 तारा दुयु छात्या ते, हयणीन दुय पीलान तसा देखाये,
असो लागे जे सोसन फुलेन ईचमां चरने बाजी रया हय।
6 जत्यार लगुन सेळी वेळाय नी आवे,
ने साहळु ढळीन नांबु हवतु-हवतु सरी नी जाय,
तत्यार लगुन मे गंधरसेन बयड़ा पर
ने लुबानेन बयड़ा पर जाती रय्स।
7 ओ मारी लाटेकली, तारो आखो डील बेसको वारु छे;
तारे मां काय बी खुड़ नी हय।
8 ओ मारी लाडी, तु मार पुठे लबानोन बयड़ा पर सी उतरीन आव।
तु अमाना बयड़ान चटी पर सी,
हय, सनीर बयड़ा ने हेरमोन बयड़ान चटी पर सी,
नाहरेन दरेम सी, चीतर्या नाहरेन बयड़े सी
नींगा करीन देख।
9 ओ मारी लाटेकली, ओ मारी लाडी, तु मारो मन मनवी लेदली छे,
तु ते तारी एकुत नजर सी,
ने तु तारा गळान एकुत हार सी मारा मनेक मनवी लेदली छे।
10 ओ मारी लाटेकली, ओ मारी लाडी,
तारो परम वारु गमे असो छे!
तारु परम ते अंगुरेन रस सी बी बेसकु वारु छे,
ने तारा ईत्तरेन गंद आखी भातीन गंदायण्या मसालान तसो छे!
11 ओ मारी लाडी, तारे हुटड़े सी मुहाळेन रस चुहे;
तारी जीप तळे मुहवाळेन रस ने दुद रवे;
तारा पुथल्यान गंद लबानोन बयड़ान तसी छे।
12 ओ मारी लाटेकली, मारी लाडी, एक सातायली वाड़ीन तसी छे,
एक दीवाल सी घेरलु बगीचु ने एक खुदेन झरनो छे।
13 तु वारु फळन्या अनारेन वाड़ीन तसी छे,
तेरेमां मेहंदी ने जटामासीन फुल बी लाग रया।
14 जटामासी, ने केसर, लुबान भात-भातीन झाड़के,
मुस्को ने दालचीनी, गंदरस,
ने आखा खास मसालान झाड़का छे।
15 तु वाड़ीन झीर छे,
जीवाय आपण्या पाणीन कुवु,
ने तु लबानोन बयड़े सी झीरेन तसी छे।
16 ओ अखणाव वाहळी जाग,
ने दखणाव वाहळी! आय जां;
मारी वाड़ी पर माय्न जां, तेरेसी तेरी गंद आखी दुर जाय।
मारु लाटेकलु मारी वाड़ी मां आवे,
ने वाड़ीन वारलु-वारलु फळ खाय।