1 ओ राजान पुरे, तारा पाय, चाट्या मां बेसका वारु देखाये!
ने तारा सातळ्या गुळमला वजन साय छे,
तीनुक काहनुक सीकलु मीस्तरी बणायु हय।
2 तारी डुटी ते वारुलु वाटका सांय छे,
ची जलमकी अंगुरेन रस सी भरली रवे।
तारो पेट ते गहुंन पुळा सांय छे,
तेरे च्यारु मेर सोसन फुल छे।
3 तारा दुयु छात्या ते,
हयणीन दुय पीलान तसा देखाये।
4 तारी बुची ते हातीन दातेन बणावली मीनार मुजुक छे।
तारा डुळा ते हेसबोन सहर मां बणावला कुंडान तसा छे,
जे कुंडा बेतरब्बीम बारना धड़्ये छे।
तारी नाक ते लबानोन बयड़े बणावला मीनार मुजुक छे,
तीना मीनारेन बारनो दमीस्क सहर भीणी फीरीन छे।
5 तारो मुणको तारा डील पर करमेल बयड़ा सांय सुबा देय।
तारा मुणकेन कान्या जामण्या रंगेन पड़दा सांय देखाये;
असो लागे राजु तीनु कान्या देखीन मनवाय गुयु।
6 ओ लाटेकली, ने मोहणी वाळनी!
तु ते गमे असी कुवारली पुरे छे, तु घाटाळी छे!
7 तारो डील खजुरेन तसो वारु छे,
ने तारा छात्या अंगुरेन गुछ्छान तसा छे।
8 मे वीच्यार कर्यु, "मे खजुरेन झाड़का पर चहड़ीन तेरा फळेन गुछ्छा छीम लीस।"
कसो रवतो, कदी तारा धाद्या अंगुरेन गुछ्छान तसा रवता,
ने तारी कीमत वारु गंदायण्या सेवफळेन तसी रवती,
9 ने तारु गुळु वारलु अंगुरेन रसेन सांय छे।
मारा हुटड़ा पर मायन धीरु-धीरु उहीन जाती रयु।
10 मे मारा परम करन्यान छे। ने मेसेक परम करन्यु मारीत हेर कर्या करे।
11 ओ मेसेक परम करन्या, चाल, आपणु खेते भीणी जाता,
ने गांव मां रात रवजे।
12 आपणु संदारे एगात उठीन अंगुरेन वाड़ी मां जाता,
ने देखता की, अंगुरेन डीरा फुट्या की नी फुट्या,
ने अंगुरेन फुल नीकळ्या की नी,
ने अनारेन फुल आय रया।
चां जाय्न मे तुसेक परम करीस ने मारो परम तुसेक देखाड़ीस।
13 दुदाफळ वारु गंदायणे बाजी रयो,
ने हामरे बारने आखी भातीन वारु-वारु फळ छे,
तेरेमां नवला ने जुनला फळ बी छे। ए मेसेक परम करन्या,
जे आखा फळ मे तार वाटे भेळा कर रय।