21 ईसु धड़े पुगीन मारथा ईसु काजे कय, "ए मालीक! कदी तु जां रहतु ती मारु भाय नी मरतु। 22 ने मेसेक मालम छे, की तु हय बी भगवान भीणी सी ज काय मांगीस, चोन भगवान तुसेक आपसे।"
23 ईसु मारथा काजे कह्यु, "तारु भाय पछु जीवतु हय जासे।"
24 ज सामळीन मारथा ईसु काजे कय, "मेसेक मालुम छे, की तीने दाहड़े आखा मरला माणसे मर्या-सर्याम सी पछा जीवता हय्न बठा हवसे, तीने दाहड़े मारु भाय बी तींद्रे भेलुत पछु जीवतु हय्न बठु हय जासे।"
25 ईसु मारथा काजे कह्यु, "मर्या-सर्याम सी पछा जीवता करीन बठा करन्यु, ने तीनुक अमर जीवाय आपण्यु मेत छे, जु बी मार पर भुरसु करे, चु मर बी जासे तेबी जीवतेलु रवसे।" 26 ने जु मार पर भुरसु करतु जाय्न जीवतेलु रवसे, तीनाक जलमकी मुतेन डंड नी जड़े तु ईनी वात पर भुरसु करे काय? 27 ती मारथा कय, "हव, मालीक! पाक्कु भुरसु करो की ईनी कळी मां आवणे वाळु भगवानेन पुर्यु तीनाक मसी कहवे चु तुत छे।"