30 ईसु जपाप आप्यु, "ईना बुलेन अवाज मारे वाटे नी आवी, बाकुन तुंद्रे वाटे सरगे सी आवी। 31 हय भगवानेन वीरुद करन्या, ईनी कळीन नीयाव हवण्यो छे। हय, भगवान ईनी कळीन मुखी भुतड़ा काजे वार मां बाहर नीकाळ देसे। 32 जत्यार माणसे मेसेक धरती पर लाकड़ान कुरुस पर चहड़ावीन मारसे, ती मे आखी जातीन माणसे काजे मारे भीणी मनवी लीस।"
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