सत्तर ने दुय चेला काजे बणायन मकलनु
1 हेरे पछळ मालीक सत्तर चेला काजे नेवाड़्यु, जीनु-जीनु सहरेम ने गांव मां चु आपसु जाणे वाळु हतलु, चां दुय-दुय जणा काजे आपसा अगळ मकली देदु।
1 हेरे पछळ मालीक सत्तर चेला काजे नेवाड़्यु, जीनु-जीनु सहरेम ने गांव मां चु आपसु जाणे वाळु हतलु, चां दुय-दुय जणा काजे आपसा अगळ मकली देदु।