26 कदी कुय मारे साते आवे, ने आपसा माय-बास, घरवाळीक, ने आपसान पुर्या ने भाय-बहणस्याक ने आपसा जीवेक मारे सी जादा परम करे, ती चु मारु चेलु नी बण सके। 27 जु कुय आपसान कुरुस नी हाकले; ने मारे पछळ नी आवे; चु बी मारु चेलु नी बण सके।
26 कदी कुय मारे साते आवे, ने आपसा माय-बास, घरवाळीक, ने आपसान पुर्या ने भाय-बहणस्याक ने आपसा जीवेक मारे सी जादा परम करे, ती चु मारु चेलु नी बण सके। 27 जु कुय आपसान कुरुस नी हाकले; ने मारे पछळ नी आवे; चु बी मारु चेलु नी बण सके।