48 ईसुन माय बास बी तीनाक चां देखीन चकराय गुया; तेरी माय तीनाक कह्यी, "ए बेटा! तारु बास ने मे, तार वाटे बेसका फीकुरेम पड़ गुयला; हामु तुसेक आखे जागे हेर्या! तु हामरे साते असु वेहवार काहा कर्यु?"यरुसलेम मां मंदीर
49 बाकुन ईसु तीनुक जपाप आप्यु, "तुहुंं मेसेक काहा हेरतेला? तुहुंंक मालुम नी हतलो काय? की मेसेक मारा बासेन घर मां रहणु जरुरी छे।" 50 बाकुन ईसुन माय-बासेक ईसुन कह्वली वातेक नी समज्या।
51 तत्यार ईसु आपसा माय बास पुठ्ये आपसा नासरत सहर मां पछु आवती र्यु, ने चु आखी वातेम आसी-बासेन हुकुम मान्तु रयु; ने तींद्रा हक मां रयु; ने तेरी माय मरीयम ईनी आखी वात काजे हेर राखी, ने तेरे बारामां आपसा मनोम सुचती वीच्यारती रय।