28 पतरस ईसु काजे कह्णे बाजी गुयु, "देख, हामु ते आखो काय छुड़ीन तारे पछळ आय र्या।"
29 ईसु कह्यु, "मे तुंद्रे सी छाचलीन कहं, असा कुय नी हय जु मारे वजे सी ने खुस-खबरेन परचार करने करीन घर, खेत, भायस, बहणस्या, आयस-बास ने पुर्या-पारी काजे छुड़ देदु हय, 30 ने तुहुंंक छाचलीन कहं की ईना जीवन मां घर ने भायस ने बहणस्या ने आस्या ने पुर्या ने खेत सी, सोव गुणा फायदु नी जड़से, ने गरात आवती रवसे बाकुन तीनाक आवणे वाळा दाहड़ा मां जलम जीवन जड़से। 31 बाकुन बेसका माणसे छे चे अगळ छे, बाकुन पछळ हवसे ने जे पछळ छे चे अगळ हय जासे।"