ईसुन माय ने भायस
31 तत्यार ईसुन माय ने भायस आया, ने बाहरुत उबा रय्न ईसु काजे बुलावणे करीन घर मां दीसरा काजे मकल्या। 32 माणसे तेरे आड़े-धड़े बसी रवला, चे कह्या "देख तारी माय ने तारा भायस ने बहणस्या तुसेक बाहार हेरी रया।"
33 ईसु जपाप आप्यु, "मारी माय ने मारु भायस कुण छे?" 34 ने ईसु चां आड़े-धड़े बसी रवला, तींद्रे चारे मेर भाळीन कह्यु "सामळु, जे अतरात मारी माय ने मारु भायस छे। 35 जे कुय भगवानेन मरजी पर चाले, चु मारु भायस ने मारी बहणीस ने माय छे।"