37 तत्यारुत दरीया मां मट्ली आंधी-हवा आवी ने झलक ढंड्ये बेसकी ठुकाय ने ढंड्या मां पाणी भरायतेलो। 38 बाकुन ईसु ढंड्यान पछला खुणा मां ईसु ईसों मेलीन सुय रवलु। तत्यार चेला ईसु काजे उठाड़्या ने तीनाक कह्या "ए मास्तर, हामु ते मरने बाजी रया, तुसेक फीकुर नी हय काय?" 39 तत्यार ईसु उठ्यु ने आंधी-हवा ने झलक काजे लड़ीन कह्यु, "हुगी रय जां।" ने आंधी-हवा ने झलक धीरी पड़ीन आखी हुगी रय गुय; 40 ने ईसु चेलाक कह्यु, "तुहुंं काहा बीही रया? तुहुंं काजे हाल बी भुरसु नी हय काय?" 41 चेला बेसका बीही गुया ने आंबा-सांबा कह्णे बाजी गुया, "जु कुण छे? की आंधी-हवा ने पाणीन झलक लग हेरी वात!"