28 "ए आखा हारला ने भार दबायला माणसे, मारे धड़े आवु; मे तुहुंंक आराम आपीस। 29 मारो जुड़ो आपणे उपर हाकली लेवु, ने मारे सी सीकु; काहाकी मे नीचळु ने मन मां सुदु छे; ने तुहुंं तुंद्रा मन मां आराम जड़से। 30 काहाकी मारो जुड़ो हलको छे ने मारु भार फवरु छे।"
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