16 कदी चु नी सामळे, ती अळी एक नीते दुय जणा काजे साते लीन जां, की ‘एक-एक गुनु दुय नीते तीन जणान गवा छाचली हय जाय असो चुखली-सास्तुर मां लिखलो छे।’
16 कदी चु नी सामळे, ती अळी एक नीते दुय जणा काजे साते लीन जां, की ‘एक-एक गुनु दुय नीते तीन जणान गवा छाचली हय जाय असो चुखली-सास्तुर मां लिखलो छे।’