माणसेन पुर्यान पछु आवणेन बारामां
29 तीनु दाहड़ा मां गरा आवणेन तत्यारुत पछेन दाहड़ु उलवाय जासे ने चांदेन वीजाळो खत्तम हय जासे, ने तारा छे चे सरग सी भुयमां हीट पड़से ने सरगेन आखो ताकुतेन काम सी हाल जासे। 30 तत्यार माणसेन पुर्यान सहलाणी सरग मां देखाय जासे ने तत्यार कळीन आखी जातीन माणसे छाती ठुकीन रड़से; ने माणसेन पुर्या काजे मट्ली ताकत ने सेक-सींगार साते वादळा मां आवतेलु देखसे। 31 चु फेप्यान मट्ली आवाज भेळु आपणा सरग वाळा काहवाळ्या काजे मकलसे, ने चे कळीन उपर एक खुणा सी दीसरा खुणा लग, चारे-मेर सी तेरा नेवाड़ला काजे भेळा करसे।