नीयावेन दाहड़ु
31 "जत्यार माणसेन पुर्यु राजु बणीन आवसे ने तेरा आखा सरग वाळा काहवाळ्या पुठ्ये आवसे, तत्यार चु आपसान राजगादी पर बठसे। 32 ने आखा जातीन माणसे तेरे अगळ भेळा करसे; ने जसु गुवाळ्यु गाडरा काजे बुकड़ा सी अलग कर देय, असुत चु तीनुक एक दीसरा सी अलग करसे। 33 चु गाडरा काजे आपणे जेवड़े आंग्ये उबा राख्से ने बुकड़ा काजे आपणे डाखर्ये आंग्ये उबा करसे।