14 तुहुंं ज नी जाणु की वाहणे काय हवसे। तुंद्री जीवाय्न काय ठीकाणो नी हय। तुंद्री जीवाय ते कुळ्ळा साय छे, जी थुड़ीक वार देखाव पड़े ने अंछाप हय जाय।
Publicidade
Publicidade
14 तुहुंं ज नी जाणु की वाहणे काय हवसे। तुंद्री जीवाय्न काय ठीकाणो नी हय। तुंद्री जीवाय ते कुळ्ळा साय छे, जी थुड़ीक वार देखाव पड़े ने अंछाप हय जाय।