11 आपणु कह्जे की जे दुखेम बी गम खाता रहणु, चे बरकतवाळा छे, तुहुंं आयुबेन बारामां सामळ्या नी काय? तीनाक ते बेसको दुख झेलनु पड़्यो, तेबी चु कतरु वारु गम खाय्न दम धरीन रयु। आपणु जाणजे की भगवान मालीक आकरी टेमे तीनाक संयबरकत आप्यु, ने तीनाक एक अंजाण्यु माणुस बणाय देदु। चु आपणु भगवान मालीक ते बेसकु दयाळु छे।