2 तुमही भगवान के जउन झुन्ड सउपे गय हबै, ओखर बरेदी बना, भगवान के इक्छा के जसना उनखर देखरेख करा दबाव हे नेहको, पय अपन इक्छा के जसना, पइसा के लालच के निता नेहको पय सुध्द सेबा भाव लग, 3 अपन सउपे हर मनसेन हे हक झइ जताबा, पय झुन्ड के निता इमानदार बन के सेबा करा।