16 न कबहुन उनके भूख लगही अउ न उन कबहुन पियसहिन, बेरा उनखर कुछु नेहको बिगाडही अउ न चटकत घांम कबहुन उनही लगही। 17 काखे ऊ मेमना जउन राजगद्दी के बीच हे हबै, उनखर देखभाल करही, ऊ उनके जीवन दे बाले पानी के झरना के लिघ्घो लइ जही अउ भगवान उनखर आंखी के हर आंसू के पोंछ देही।"
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