5 जेल हे पतरस के बेडे रथै, पय मंडली ओखर निता भगवान लग बिनती करत रथै।
7 ता देखा परभु कर अक्ठी स्वरगदूत आयके ठाड होथै अउ अचानक जेल के कोठा हे, उजियार भर गइस अउ पतरस के पसली हे हाथ मारके उके जगाथै अउ कथै ठाड हो हरबी चल अउ ओखर हाथन लग सांकड उघर के गिर पडथै। 10 तब आगुन अउ दूसर पहर हे निकर के ऊ लोहा कर फेरका छो जथै, जउन सहर के पल्ला हबै, ऊ उनखर निता अपने अपन उघर जथै अउ ऊ निकरके अक्ठी गली हुइ के जथै अउ जल्दिन स्वरगदूत उके छाडके कढ जथै।
12 हइ बात जानके ऊ यूहन्ना कर दाय मरियम के घर छो आथै, जउन मरकुस कहाथै, उहां बोहत लग मनसे अक जिघा हुइके बिनती करत रथै। 13 जब ऊ फेरका के कंवाड ठोकठोकाथै, ता रूदे नाम के अक्ठी हरवाहिन देखै के आथै। 14 पतरस के आरो चीन्ह के ऊ खुसी कर मारे फेरका के कंवाड नेहको उघारथै, पय दउडके भित्तर जथै अउ गुठेथै, कि पतरस दूरा हे ठाडे हबै। 15 उन ओखर लग बोलथै, "तय पगला गय हबस।" पय ऊ पूर बिस्वास रथै, कि हइ ओसनेन हबै हइ बात हे उन कथै, "ऊ ओखर स्वरगदूत होही।"
16 उछो पतरस फेरका के कंवाड ठोकठोकाउत रथै, मतलब ऊ कंवाड उघारथै अउ उके देखके चकित रहि जथै।