28 काखे कि हम उहै हे जिन्दा रहथन अउ चलत फिरत अउ स्थिर रथन, इहै मेर खुद तुम्हर लेखक कथै, काखे हम उहै के लरका हबन।
28 काखे कि हम उहै हे जिन्दा रहथन अउ चलत फिरत अउ स्थिर रथन, इहै मेर खुद तुम्हर लेखक कथै, काखे हम उहै के लरका हबन।