पवितर आतमा उतरथै
1 जब आठै खाय के यहूदी तेउहार के पचासमा रोज आथै, ता सगलू चेला अक जिघा जुडथै, 2 ता अचनकै बडी बडेरा के जसना आरो बादर लग सुनाई दइस अउ सगलू घर जिहां उन बइठे हर रथै, गूंज उठिस। 3 अउ आगी के धांग के जसना फइलत अउ जीभ उहां फटत दिखाई देय लगथै, ऊ आगी के अलगे-अलगे जीभ हर अक झन के उप्पर आय ठहरिस। 4 उन सगलू पवितर आतमा लग भरपूर हुइ गइन अउ जउन आरो के बरदान पवितर आतमा उनही दइस, ओखर जसना कइन मेर भासा हे बोलै लगिन।
5 बादर के तरी रहै बाले उन यरुसलेम हे दुनिया कर सगलू देसन लग आय हर यहूदी रहे करथै।