पतरस कर बात
14 फेर उन ग्यारह झन के संग पतरस ठाढ होथै अउ ऊंच आरो लग मनसेन के सम्बोधन करत कथै, हे यहूदी संगी अउ यरुसलेम के सगलू संगी मोर बात के धियान सुना अउ मोके हइ बात के मतलब गुठेमै देया। 15 ऊ मनसे नसा हे नेहको हमै, जसना तुम समझथा काखे अबे तो सकरहा कर नव बजे हबै। 16 पय ऊ बात हबै, जेखर बारे हे योएल नबी ग्यानी मनसे के दवारा गुठे रथै,
17 भगवान हइ कथै, कि मै आखरी के रोज,
हे सगलू मनसे हे अपन आतमा दइहों,
ता तुम्हर टोरवा टोरिया आगू कर बात गुठेही,
अउ तुम्हर जबान दरसन देखही,
अउ तुम्हर सियान सपना देखही।