19 इहैनिता तुम अब परदेसी अउ मेहमान नेहको रहा, पय पवितर मनसेन के संगी नागरिक अउ भगवान के परवार के हुइ गय हबा।
मसीह हमर कोन्टा के पथरा
20 तुम्हर रचना ऊ घर के जसना हबै, जउन चेला अउ ग्यानी मनसे के नीह हे ठाढ हबै अउ जेखर खुटान के पथरा खुद यीसु मसीह हबै2:20 यसा 28:16; 1 कुरि 12:28। 21 यीसु हे पूर घर बने हबै अउ उहै हे बिस्वासी मनसे जुरके परभु हे अक्ठी पवितर मन्दिर बनत जथै। 22 तुमो अक संग मिलके भगवान के निता अक्ठी असना रहै के निता भवन बनाय जथै, जिहां भगवान अपन आतमा के दवारा रथै।