5 तुम्हर स्वभाव पइसा के लालच झइ करा, जउन तुम्हर लिघ्घो हबै, उहै हे सन्तुस्ट रहा, काखे भगवान खुद कथै, मै तोके नेहको छंडिहों अउ न तोके कबहुं भुलिहों। 6 इहैनिता हम बिना डेराय कर कहथन,
परभु मोर सहायता करथै,
मै नेहको डरिहुं,
मनसे मोर का कर सकथै?
5 तुम्हर स्वभाव पइसा के लालच झइ करा, जउन तुम्हर लिघ्घो हबै, उहै हे सन्तुस्ट रहा, काखे भगवान खुद कथै, मै तोके नेहको छंडिहों अउ न तोके कबहुं भुलिहों। 6 इहैनिता हम बिना डेराय कर कहथन,
परभु मोर सहायता करथै,
मै नेहको डरिहुं,
मनसे मोर का कर सकथै?