भुलाय हर टोरवा कर किस्सा
11 फेर यीसु कथै, "कउनो मनसे के दुइठे टोरवा रथै। 12 ता नान टोरवा अपन बाफ लग कथै, डेरा मसे मोर हिस्सा मोके दइ दे अउ बाफ दुनो हे अपन धन डेरा बांट देथै।" 13 कुछ रोज के बाद नान टोरवा अपन सगलू पइसा लइ जाय के, अक्ठी दुरिहां देस छो कढ जथै अउ उहां जाय के ऊ अपन सगलू पइसा उडाय देथै15:13 नीति 23:3। 14 जब ऊ सगलू पइसा खरचा कर चुकथै, ता ऊ देस हे बोहत भुखमरी आथै अउ ऊ बोहत गरीब हुइ जथै। 15 इहैनिता ऊ उहै देस के रहै बाले अक्ठी मनसे के इहां गइस, ऊ उके अपन खेत हे सुमरा चरामै के निता पठोथै। 16 अउ सुमरा के चारा लग अपन लादा भरै के निता तरस जथै, कउनो उके खाय के निता कुछु नेहको देथै। 17 तब ऊ होस हे आइस अउ हइ सोचै लगिस, मोर बाफ के घर छो केतका मजदूर के जरूरत लग अधिक खाय के मिलथै अउ इछो मै भूख मरथो। 18 मै उठके अपन बाफ के लिघ्घो जहुं अउ ओखर लग कइहों कि "बाफ जी मै स्वरग के बिरुध अउ तोर बिरुध पाप करे हबो15:18 भजन 51:7। 19 मै तोर टोरवा कहामै के काबिल नेहको हबो, तै मोके अपन मजदुरिहा समझ के अपन लिघ्घो रख ले।" 20 तब ऊ उठके अपन बाफ के घर लउट गइस अउ ऊ दुरिहां रथै।
बाफ उके देखके दया लग भर गइस अउ दउडके उके लगे लगाय लइस अउ उके चूमथै। 21 "टोरवा बाफ लग कथै, बाफ जी, मै स्वरग के बिरोध हे अउ तोर परति पाप करे हव, मै तोर टोरवा कहामै के काबिल नेहको हबो।" 22 पय बाफ अपन हरवाहन लग कथै, बिगर देरी करे लग निक्खा-निक्खा कपडा लानके इके पहिराबा अउ एखर अंगठी हे मुंदरी अउ गोड हे बूट पहिराबा। 23 अक्ठी बडा बोकडा के मारा, ता हमु खउबे अउ ओखर संग खुसी बनई। 24 काखे मोर हइ टोरवा मर गय रहिस अउ फेरै जिन्दा हुइ गय हबै, हइ भुलाय गय रहिस अब ऊ फेरै मिल गय हबै अउ उन खुसी बनामै लग जथै।
25 ओखर बडका टोरवा खेत लग काम करके घर छो लउटथै, जब घर के लिघ्घो आथै, ता उके गामै बजामै अउ नाचै के आरो सुनाई देथै। 26 ता ऊ अक्ठी सेबक के बुलाय के पूछथै, हइ सब काहिन होथै? 27 हरवाह ओखर लग कथै, तोर भाई लउट आय हबै अउ तोर बाफ बडा बोकडा कटवाय हबै, काखे कि उके भला निक्खा पाय हबै। 28 "हइ सब देखके ऊ गुस्सा लग भर गइस अउ घर के भित्तर जायके नेहको चाहथै, इहैनिता ओखर बाफ उके सटियामै के निता बाहिर आथै। 29 पय ऊ अपन बाफ के जबाब देथै, मै एतका साल लग तोर सेबा करे हव अउ कबहुन तोर आदेस के उलंघन नेहको करे हव, पय कबहुन तै मोके अक्ठी छेडी के लरका तक मोके नेहको दय हबस, कि महुं अपन संगिन के संग खुसी बनाय सको। 30 पय जब तोर हइ नान टोरवा आय हबै, जउन बेकार कामन हे तोर धन डेरा बढोय डारे हबै अउ तै ओखर निता पाले हर बोकडा कटवाय हबस। 31 बाफ ओखर लग कथै, टोरवा तै तो सबदिना मोर संग रथस अउ जउन कुछ मोर हबै, ऊ सगलू कुछ तोरै तो हबै। 32 हमर निता खुसी बनामै के सही हबै, काखे तोर हइ भाई मर गय रहै, अब जिन्दा हुइ गय हबै, ऊ जउन भुलाय गय रहै, ऊ अब मिल गय हबै"