फरीसी अउ पइसा उगामै बाले कर किस्सा,
9 फेर यीसु उन मनसेन के निता कथै, अपन खुद के धरमी मनसे मानथै, अउ कउनोन के बेकार नेहको समझथै, हइ किस्सा सुनाइस। 10 दुइठे मनसे बिनती करै बिनती भवन छो गइन, अक्ठी फरीसी मनसे रथै, अउ दूसर पइसा उगाहै बाले सिपाही रथै। 11 फरीसी मनसे ठाडे ठाड हइमेर बिनती करत रथै, हे भगवान मै तोके धन्यबाद देथो, कि मै दूसर मनसेन के जसना लालची, अन्यायी, अउ बेभिचारनी नेहको हबो अउ न हइ पइसा उगाहै बाले साहब के जसना हबो। 12 मै हप्ता हे दुइ बार उपास रथो, अउ अपन सगलू कमाई के दसमा हीसा दान देथो। 13 "पय पइसा उगाहै बाले सिपाही दुरिहां ठाड रथै अउ इहां तक कि स्वरग छो, अपन आंखी तक नेहको उठावत रहिस, अपन छाती ठोक के कथै, हे भगवान मै पापी हबो मोर हे दया कर18:13 भजन 51:5। 14 यीसु कथै मै तुम्हर लग सच कथो, ऊ पहिला नेहको बलुक हइ धरमी मनसे पाप लग आजाद हुइ के अपन घर छो गइस काखे जउन कउ खुदय के बडडे बनाही ऊ तरी छो करे जही, अउ जउन अपन खुदय के नान बनाही ऊ उप्पर छो उठाय जही।"