8 ता फेर तुम काहिन देखै गय रहा, का निक्खा बन्डी पहिरे हर मनसे के? नेहको देखा जउन निक्खा बन्डी पहिरथै, ऊ तो राजभवन हे होथै।
8 ता फेर तुम काहिन देखै गय रहा, का निक्खा बन्डी पहिरे हर मनसे के? नेहको देखा जउन निक्खा बन्डी पहिरथै, ऊ तो राजभवन हे होथै।